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Medieval History of India in Hindi PDF Download

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Medieval History of India in Hindi

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Book Name Medieval History of India PDF
Quality Good
Language Hindi
No. of Pages 41
Size 8 MB
Format PDF

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Medieval History of India PDF

  1. चन्द्रगुप्त को “मोरिय” नामक क्षत्रिय वंश का बताता है.
  2. चाणक्य द्वारा नवें धन-नन्द का विनाश कर क्षत्रिय मौर्य वंश के चन्द्रगुप्त को सकल जम्बूद्वीप का राजा बनाने व चन्द्रगुप्त के राज्याभिषेक का वर्णन पाया जाता है.
  3. अशोक के सिंहासनारोहण की तिथि (269+4 = 273) ई.पू. निश्चित करता है (क्योंकि सिंहासनारोहण, राज्याभिषेक के 4 वर्ष पूर्व हुआ माना जाता है.
  4. अशोक के राज्याभिषेक की तिथि बुद्ध के महापरिनिर्वाण के 218 वर्ष पश्चात् होने का आधार पर 269 ई.पू. निर्धारित करने वाला ग्रन्थ.
  5. चन्द्रगुप्त की शासन अवधि 24 वर्ष का उल्लेख.
  6. बिन्दुसार की 16 रानियों तथा 101 पुत्रों का उल्लेख.
  7. 101 भाइयों में सबसे छोटे भाई का नाम “तिष्य”.
  8. अशोक की पटरानी का नाम असंधिमित्रा (पिया अग्गाहिषी) था.
  9. उत्तराधिकार के लिए (अशोक एवं उसके सौतेले भाइयों के मध्य) गृह-युद्ध का वर्णन.
  10. गृह-युद्ध के कारण अशोक का राज्याभिषेक उसके सिंहासनारूढ़ होने के 4 वर्ष बाद होने का उल्लेख.
  11. राज्याभिषेक के चार वर्ष पश्चात् अशोक द्वारा बौद्ध धर्म ग्रहण करने का उल्लेख.
  12. अशोक द्वारा न्यग्रोध नामक व्यक्ति के प्रभाव से बौद्ध धर्म ग्रहण.
  13. राज्याभिषेक के 18 वर्ष बाद पाटलिपुत्र में आयोजित तृतीय बौद्ध संगीति के अवसर पर बौद्ध धर्म के थेरवाद व महासान्घिक नामक दो सम्प्रदायों में विभाजित होने का उल्लेख.
  14. धर्म प्रचार हेतु विभिन्न बाह्य देशों में धर्म-प्रचारक भेजने का उल्लेख.
  15. अशोक के पुत्र महेंद्र तथा पुत्री संघमित्रा द्वारा श्रीलंका के राजा को उसके 40,000 अनुयायियों सहित बौद्ध बनाने का उल्लेख.
  16. बंगाल पर अशोक का अधिकार होने का उल्लेख.
  17. तक्षशिला के प्रमुख दो विद्रोहों के दमन हेतु बिन्दुसार द्वारा क्रमशः अपने पुत्रों अशोक (प्रथम विद्रोह) तथा सुस्सीम (द्वितीय विद्रोह) को भेजने का उल्लेख.
  18. बिन्दुसार की राजसभा में एक आजीव-परिव्राजक (पिंगल वस्तु) के रहने का उल्लेख.
  19. चन्द्रगुप्त के पुत्र बिन्दुसार तथा पुत्र अशोक का स्पष्ट रूप से क्षत्रिय के रूप में उल्लेख.
  20. बिन्दुसार के सबसे बड़े पुत्र के रूप में सुसीम का उल्लेख.
  21. अशोक के सगे भाई का नाम विगतशोक.
  22. आसंदि मित्र की मृत्यु के पश्चात् अशोक की पटरानी के रूप में तिष्यरक्षिता का उल्लेख.
  23. अशोक की पटरानी “आसंदि मित्र” द्वारा अपने सौतेले पुत्र कुणाल (धर्म विवर्धन) के प्रति कुकृत्यों को वर्णन करने वाला ग्रन्थ.
  24. उत्तराधिकार के लिए (अशोक एवं उसके सौतेले भाइयों के बीच) गृह-युद्ध का वर्णन करने वाला ग्रन्थ.
  25. प्रधानमंत्री खल्लाटक, राधागुप्त एवं 500 अमात्यों के सहयोग से सुस्सीम सहित अन्य सौतेले भाइयों का वध कर अशोक द्वारा सिंहासन-प्राप्ति का विस्तृत विवरण.
  26. बौद्ध होने से पूर्व अशोक की क्रूरता का परिचय देने के लिए अशोक द्वारा आदेशावहेलना के लिए 500 अमात्यों को मौत के घाट उतारने का उल्लेख.
  27. अशोक द्वारा “अशोक वृक्ष” के पत्तों को तोड़ने के लिए 500 स्त्रियों को जीवित जलाकर मरवा देने का उल्लेख.
  28. नागरिकों को यातना-प्रताड़ना देकर उन्हें मारने के लिए अशोक द्वारा नरक गृह का निर्माण कराए जाने का उल्लेख.
  29. (तृतीय बौद्ध संगीति एवं) धर्म-प्रचार में अशोक द्वारा किये गये अत्यधिक व्यय के कारण युवराज सम्प्रति एवं मंत्रियों की ओर से अशोक द्वारा पाटलिपुत्र के बौद्ध विहार कुक्कुटाराम को भारी दान राशि दिए जाने का विरोध करने का उल्लेख.
  30. अशोक द्वारा “बाल पंडित” या “समुद्र” के प्रभाव में बौद्ध धर्म ग्रहण करने का उल्लेख.
  31. अशोक द्वारा “उपगुप्त” के साथ धम्म यात्राओं के क्रम में, तथागत के जन्म-स्थल “लुम्बिनी”, तथागत के बाल्यकाल की क्रीड़ास्थली “कपिलवस्तु”, तथागत की तपोस्थली “गया”, धर्मचक्रप्रवर्तन स्थली “सारनाथ”, महानिर्वाण स्थली “कुशीनगर” एवं अन्यान्य प्रमुख स्थलों की यात्राओं का वर्णन करने वाला ग्रन्थ.
  32. अशोक द्वारा बोधगया में एक लाख स्वर्ण मुद्राओं के दान तथा वहाँ पर एक चैत्य निर्माण कराने का उल्लेख.
  33. पुष्यमित्र को मौर्य वंशावली के अंदर रखने वाला ग्रन्थ.
  34. बिन्दुसार द्वारा आजीवक पिंगलवास के माध्यम से अपने समस्त पुत्रों की ली गई परीक्षा में अशोक के सफल होने का उल्लेख.

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